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मधुमेह के लक्षण और कारण

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मधुमेह के क्या लक्षण हैं?

मधुमेह के लक्षणों में शामिल हैं:

  1. प्यास और पेशाब में वृद्धि
  2. भूख बढ़ जाना
  3. जल्दी थकान महसूस करना
  4. धुंधला दिखाई देना
  5. घावों का जल्दी ना भरना
  6. बिना किसी मतलब के वजन घटना
  7. पैरों या हाथों में सुन्नता या झुनझुनी

टाइप 1 मधुमेह के लक्षण कुछ ही हफ्तों में, जल्दी से शुरू हो सकते हैं। टाइप 2 डायबिटीज के लक्षण अक्सर कई वर्षों में धीरे-धीरे विकसित होते हैं- और इतने हल्के हो सकते हैं कि आप उन्हें नोटिस भी नहीं कर सकते। टाइप 2 मधुमेह वाले कई लोगों में कोई लक्षण नहीं होते हैं। कुछ लोगों को पता नहीं चलता है जब तक उन्हें मधुमेह से संबंधित स्वास्थ्य समस्याएं नहीं होती हैं, जैसे कि धुंधली दृष्टि या हृदय की परेशानी।

टाइप 1 डायबिटीज का कारण क्या है?

टाइप 1 मधुमेह तब होता है जब आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली, संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर की प्रणाली, अग्न्याशय के इंसुलिन-उत्पादक बीटा कोशिकाओं पे हमला करती है और नष्ट कर देती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि टाइप 1 डायबिटीज जीन और पर्यावरणीय कारकों, जैसे कि वायरस के कारण होता है, जो रोग को ट्रिगर कर सकता है। ट्रायलनेट(Trialnet) जैसे अध्ययन टाइप 1 मधुमेह के कारणों को इंगित करने और रोग को रोकने या धीमा करने के संभावित तरीकों पर काम कर रहे हैं।

टाइप 2 डायबिटीज का कारण क्या है?

टाइप 2 डायबिटीज– डायबिटीज का सबसे आम रूप है- कई कारकों के कारण होता है, जिसमें जीवनशैली कारक और जीन शामिल हैं।

अधिक वजन, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता

यदि आप शारीरिक रूप से सक्रिय नहीं हैं और अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त हैं, तो आपको टाइप 2 मधुमेह विकसित होने की अधिक संभावना है। अतिरिक्त वजन कभी-कभी इंसुलिन प्रतिरोध का कारण बनता है और टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में आम है। शरीर में वसा के स्थान का भी फर्क पड़ता है।अतिरिक्त पेट वसा इंसुलिन प्रतिरोध से जुड़ा हुआ है, टाइप 2 मधुमेह, और हृदय और रक्त वाहिका रोग से भी। यह देखने के लिए कि क्या आपका वजन आपको टाइप 2 मधुमेह के खतरे में डालता है, इन बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) चार्ट मैं जाँच करें।

इंसुलिन प्रतिरोध

टाइप 2 मधुमेह आमतौर पर इंसुलिन प्रतिरोध के साथ शुरू होता है, एक ऐसी स्थिति जिसमें मांसपेशी, यकृत और वसा कोशिकाएं इंसुलिन का अच्छी तरह से उपयोग नहीं करती हैं। नतीजतन, आपके शरीर को ग्लूकोज कोशिकाओं में प्रवेश करने में मदद करने के लिए अधिक इंसुलिन की आवश्यकता होती है। सबसे पहले, अग्न्याशय अतिरिक्त मांग को बनाए रखने के लिए अधिक इंसुलिन बनाता है। समय के साथ, अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना सकता है, और रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है।

जीन और परिवार का इतिहास

टाइप 1 डायबिटीज में, कुछ जीन आपको टाइप 2 डायबिटीज विकसित करने की अधिक संभावना रखते हैं। रोग परिवारों में चलता है और इन नस्लीय / जातीय समूहों में अक्सर होता है:

  1. African Americans
  2. Alaska Natives
  3. American Indians
  4. Asian Americans
  5. Hispanics/Latinos
  6. Native Hawaiians
  7. Pacific Islanders

अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति की प्रवृत्ति को बढ़ाकर जीन भी टाइप 2 मधुमेह के खतरे को बढ़ा सकते हैं।

गर्भावधि मधुमेह किन कारणों से होता है?

वैज्ञानिकों का मानना है कि गर्भावधि मधुमेह, एक प्रकार का मधुमेह जो गर्भावस्था के दौरान विकसित होता है, यह आनुवांशिक और जीवन शैली के कारकों के साथ गर्भावस्था के हार्मोनल परिवर्तनों के कारण होता है।

इंसुलिन प्रतिरोध

नाल(placenta) द्वारा उत्पादित हार्मोन इंसुलिन प्रतिरोध में योगदान करते हैं, जो देर से गर्भावस्था के दौरान सभी महिलाओं में होता है। अधिकांश गर्भवती महिलाएं इंसुलिन प्रतिरोध को दूर करने के लिए पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन कर सकती हैं, लेकिन कुछ नहीं कर सकती हैं। गर्भकालीन मधुमेह तब होता है जब अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना सकते है।

टाइप 2 मधुमेह के साथ, अतिरिक्त वजन गर्भावधि मधुमेह से जुड़ा हुआ है। अधिक वजन वाली या मोटापे से ग्रस्त महिलाओं के गर्भवती होने पर पहले से ही इंसुलिन प्रतिरोध हो सकता है। गर्भावस्था के दौरान बहुत अधिक वजन बढ़ना भी एक कारक हो सकता है।

हार्मोनल परिवर्तन, अतिरिक्त वजन और पारिवारिक इतिहास गर्भकालीन मधुमेह में योगदान कर सकते हैं

मधुमेह का पारिवारिक इतिहास होने से यह अधिक संभावना है कि एक महिला गर्भकालीन मधुमेह विकसित करेगी, जो बताती है कि जीन एक भूमिका निभाते हैं। जीन यह भी समझा सकते हैं कि अफ्रीकी अमेरिकियों, अमेरिकी भारतीयों, एशियाई, और हिस्पैनिक्स / लैटिनस में विकार अधिक बार क्यों होता है।

मधुमेह के और क्या कारण हो सकते हैं?

जेनेटिक म्यूटेशन, अन्य बीमारियां, अग्न्याशय को नुकसान, और कुछ दवाएं भी मधुमेह का कारण हो सकती हैं।

आनुवंशिक उत्परिवर्तन (Genetic mutations)

1. Monogenic diabetes

मोनोजेनिक डायबिटीज एक ऐसी डायबिटीज है जो मोटेशन या फिर किसी एक जीन में परिवर्तन के कारण होती है इस टाइप के परिवर्तन ज्यादातर फैमिली में से आते हैं जैसे कि मां-बाप लेकिन कभी-कभी के जीन म्यूटेशन अपने आप भी हो जाते हैं इनमें से ज्यादातर दिन परिवर्तन डायबिटीज के कारण होते हैं. क्योंकि इनके कारण पेनक्रियाज में कम इंसुलिन बनता है
मोनोजेनिक डायबिटीज के सबसे ज्यादा पाए जाने वाले प्रकार हैं:

  1. Neonatal Diabetes: Neonatal डायबिटीज सबसे पहले जिंदगी के शुरुआती छह महीनों में होते हैं. डॉक्टर ज्यादातर इस बीमारी का इलाज 17 साल की उम्र के आसपास लेकिन कभी-कभी हरि को ठीक होने में काफी लंबा समय लगता है.
  2. Maturity-onset diabetes of the young (MODY).

2. Cystic fibrosis

Cystic Fibrosis एक मोटा गाढ़ा बलगम का उत्पादन करता है जिसे हम इंग्लिश में म्यूकस(Mucus) भी कहते हैं. यह बलगम हमारे पैंक्रियास को इंसुलिन बनाने से रोकता है

3. Hemochromatosis

Hemochromatosis के कारण हमारी बॉडी में बहुत अधिक आर्यन को जमा कर लेती है यदि इस बीमारी का इलाज नहीं किया जाए तो ज्यादा आयरन इकट्ठा होने से हमारे पैंक्रियास और दूसरे ऑर्गन को क्षति हो सकती है|

हार्मोनल रोग

कुछ हार्मोनल बीमारियों के कारण शरीर में कुछ विशेष हार्मोन का उत्पादन होता है, जो कभी-कभी इंसुलिन प्रतिरोध और मधुमेह का कारण बनता है।

  1. कुशिंग(Cushing’s) सिंड्रोम तब होता है जब शरीर बहुत अधिक कोर्टिसोल(cortisol) पैदा करता है – जिसे अक्सर “तनाव हार्मोन(stress hormone)” कहा जाता है।
  2. एक्रोमेगाली(Acromegaly) तब होती है जब शरीर बहुत अधिक वृद्धि हार्मोन का उत्पादन करता है।
  3. हाइपरथायरायडिज्म(Hyperthyroidism) तब होता है जब थायरॉयड ग्रंथि(thyroid gland) बहुत अधिक थायरॉयड हार्मोन(thyroid hormone) का उत्पादन करती है।

अग्न्याशय को नुकसान या हटाने के लिए

अग्नाशयशोथ, अग्नाशय के कैंसर, और आघात सभी बीटा कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं या उन्हें इंसुलिन का उत्पादन करने में कम सक्षम बनाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप मधुमेह होता है। यदि क्षतिग्रस्त अग्न्याशय को हटा दिया जाता है, तो बीटा कोशिकाओं के नुकसान के कारण मधुमेह होगा।

दवाई

कभी-कभी कुछ बीटा सेल्स को नुकसान पहुंचा सकती हैं या फिर इंसुलिन के काम करने के तरीके को प्रभावित कर सकती हैं. इनमें शामिल है:

  1. Niacin, एक तरह का विटामिन B3
  2. कुछ टाइप के Diuretics, इसे हम वोटर पील(water pills) भी कहते हैं
  3. Anti – seizure drugs
  4. Psychiatric drugs
  5. एसिड ड्रग जिससे हम ह्यूमन Immunodeficiency Virus ठीक करने में यूज करते हैं (HIV)
  6. Pentamidine, यह ऐसी दवाई है जिसे हम एक टाइप के Pneumonia को ठीक करने में इस्तेमाल करते हैं
  7. Glucocorticoids, यह एक ऐसी मेडिसन है जिसे हम Inflammatory illnesses को ठीक करने में इस्तेमाल करते हैं जैसे कि Rheumatoid Arthritis, Asthma, Lupus, and Ulcerative Colitis.
  8. Anti rejection medicines, यह मेडिसन ट्रांसप्लांटेड ऑर्गन को रिजेक्ट करने से रोकने में मदद करती है
  9. Statins, यह मेडिसन ‘LDL’बैड कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में इस्तेमाल की जाती है

अगर आप इनमें से कोई भी दवाई लेते हैं और इनके साइड इफेक्ट को लेकर परेशान हैं तो डॉक्टर से इनके बारे में बात करें

March 2020

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